All Contract Are Agreement but All Agreements Are Not Contract Explain in Hindi

सभी संविदाएँ समझौते होते हैं, लेकिन सभी समझौते संविदाओं नहीं होते। यह एक सामान्य वाक्यांश है जो आधारभूत समझौतों और संविदाओं के बीच के अंतर को समझाता है। लेकिन इस वाक्यांश का अर्थ क्या होता है?

इसका अर्थ है कि सामान्य समझौते और संविदाएँ एक ही बात हो सकती हैं, लेकिन संविदाएँ समझौतों के लिए आवश्यक नहीं होती हैं। आइए इस विषय को और विस्तार से समझते हैं।

समझौते (Agreements) का अर्थ होता है कि दो या अधिक व्यक्ति या संगठनों के बीच एक समझौता होता है। यह आमतौर पर मूल्य, सेवाएं या संपत्ति के बारे में होता है। समझौते कई तरह के होते हैं, जैसे कि मौजूदा समझौते, मॉडल समझौते और स्टैंडर्ड समझौते।

दूसरी ओर, संविदाएँ (Contracts) एक तरह के समझौते होते हैं, लेकिन इनमें कुछ विशेष सहमतियां होती हैं। संविदाओं में, दो या अधिक पक्षों के बीच आधारभूत स्थिति और शर्तों को समझौते के रूप में विस्तार से वर्णित किया जाता है। इसके अलावा, संविदाओं में कानून और नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की भी सुविधा होती है।

इसलिए, सामान्य समझौते संविदाओं के हिस्से हो सकते हैं, लेकिन संविदाओं को समझौतों के समूह में शामिल करना होगा। संविदाएँ एक खुदरा या बड़ी व्यवसाय के बीच के महत्वपूर्ण समझौतों में होते हैं जो आमतौर पर कानून द्वारा विशेष रूप से व्यवस्थित किए जाते हैं।

यदि आप एक विषय में एक समझौता बनाना चाहते हैं जो कि कानूनी रूप से मान्य हो, तो आपको एक संविदा बनाना होगा। इसलिए, संविदाएँ समझौतों के उपसागर होते हैं, जो कि निर्दिष्ट समय अवधि के लिए होते हैं और जिनमें व्यापार और समझौते की सभी विशेषताएं होती हैं।

इसलिए, “सभी संविदाएँ समझौते होते हैं, लेकिन सभी समझौते संविदाओं नहीं होते” एक महत्वपूर्ण वाक्य है जो संविदाओं और समझौतों के बीच के अंतर को समझाता है। इससे आप अपने व्यापार या कुछ भी करने से पहले सही समझौता बना सकते हैं जो कि आपके बिजनेस के लिए शुभ होगा।

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